((اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ يَا أَللَّهُ بِأَنَّكَ الْوَاحِدُ الْأَحَدُ الصَّمَدُ الَّذِي لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يولَدْ، وَلَمْ يَكنْ لَهُ كُفُواً أَحَدٌ، أَنْ تَغْفِرَ لِي ذُنُوبِي إِنَّكَ أَنْتَ الْغَفُورُ الرَّحِّيمُ)).
उच्चारण:
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुक या अल्लाह, बिअन्नकल वाहिदुल अहदुस्समद, अल्लज़ी लम यलिद वलम यूलद, वलम यकुल्लहू कुफुवन अहद, अन तग़्फ़िर ली ज़ुनूबी इन्नका अंतल ग़फ़ूरुर्रहीम।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे मांगता हूं, ऐ अल्लाह, क्योंकि तू ही वाहिद, अहद, समद है, जिसने न किसी को जना न वह किसी से जना गया, और उसका कोई हमसर नहीं — कि तू मेरे गुनाह बख्श दे, बेशक तू ही बहुत बख्शने वाला, बहुत रहम करने वाला है।
अल्लाह के वाहिद-अहद-समद होने के वसीले से माफी