फिक्र-सुस्ती-कर्ज़ के बोझ से पनाह
क़र्ज़ से जुड़ी दुआएं
((اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ، وَالْعَجْزِ وَالْكَسَلِ، وَالْبُخْلِ وَالْجُبْنِ، وَضَلَعِ الدَّيْنِ وَغَلَبَةِ الرِّجَالِ)).
उच्चारण:
अल्लाहुम्म इन्नी अऊज़ु बिका मिनल हम्मि वल हुज़्न, वल अ़ज्ज़ि वल कसलि, वल बुख़्लि वल जुब्न, व ज़लअ़िद्दैनि व ग़लबतिर्रिजाल।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! मैं फिक्र और ग़म से, कमज़ोरी और सुस्ती से, कंजूसी और बुज़दिली से, और कर्ज़ के बोझ और लोगों के दबदबे से तेरी पनाह मांगता हूं।
फिक्र-सुस्ती-कर्ज़ के बोझ से पनाह (कर्ज़दार की दुआ)

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