((جَعَلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عِنْدَ مَوْتِهِ يُدْخِلُ يَدَيْهِ فِي الْمَاءِ فَيَمْسَحُ بِهِمَا وَجْهَهُ، وَيَقُولُ: لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ إِنَّ لِلْمَوْتِ سَكَرَاتٍ)).
उच्चारण:
ला इलाहा इल्लल्लाह, इन्न लिल्मौति लसकरात।
हिंदी अर्थ:
आयशा رضی اللہ عنہا ने बताया कि नबी ﷺ अपनी उस बीमारी में जिसमें आपकी वफात हुई, अपने हाथ पानी में डुबोकर चेहरे पर फेरते और कहते: अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, बेशक मौत में सख्तियां होती हैं।
मौत के वक्त नबी ﷺ की दुआ