कब्रिस्तान जाने की दुआ
जनाज़ा-तदफ़ीन की दुआएं
((السَّلاَمُ عَلَيْكُمْ أَهْلَ الدِّيَارِ، مِنَ الْمُؤْمِنِينَ وَالْمُسْلِمِينَ، وَإِنَّا إِنْ شَاءَ اللَّهُ بِكُمْ لاَحِقُونَ، [وَيَرْحَمُ اللَّهُ الْمُسْتَقدِمِينَ مِنَّا وَالْمُسْتأْخِرِينَ] أَسْاَلُ اللَّهَ لَنَا وَلَكُمُ الْعَافِيَةَ)).
उच्चारण:
अस्सलामु अ़लैकुम अह्लद्दियारि मिनल मुअ्मिनीन वल मुस्लिमीन, व इन्ना इन शाअल्लाहु बिकुम लाहिक़ून, नस्अलुल्लाह लना व लकुमुल आफ़ियह।
हिंदी अर्थ:
तुम पर सलामती हो, ऐ इन घरों यानी कब्रों वालो, ईमान वालों और मुसलमानों में से! और हम भी, इंशाअल्लाह, तुमसे आ मिलने वाले हैं। हम अल्लाह से अपने और तुम्हारे लिए आफियत मांगते हैं।
कब्रिस्तान जाने की दुआ

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