[स्रोत में इस हदीस का अरबी मत्न उपलब्ध नहीं है]
उच्चारण:
(इस हदीस का कोई निश्चित पढ़ने लायक दुआ-मत्न नहीं है — यह आम अदाब/हिदायत है, जिसमें दरवाज़ा-बर्तन बंद करते वक्त सिर्फ "बिस्मिल्लाह" कहा जाता है)
हिंदी अर्थ:
जब शाम ढले तो अपने बच्चों को घर के अंदर बुला लो, क्योंकि इस वक्त शैतान फैलते हैं। फिर रात के पहले पहर के गुज़र जाने के बाद उन्हें चाहो तो छोड़ सकते हो। अपने दरवाज़े बंद करते वक्त अल्लाह का नाम लो, क्योंकि शैतान बंद दरवाज़ा नहीं खोल सकता। अपने मश्कीज़े यानी पानी के बर्तन बांधते वक्त अल्लाह का नाम लो। अपने खाने के बर्तन ढकते वक्त अल्लाह का नाम लो, चाहे उस पर कोई चीज़ ही रख दो, और अपने चराग़ बुझा दो। हमारे नबी मुहम्मद ﷺ पर, उनके घरवालों और तमाम साथियों पर सलामती और रहमत हो।
शाम को घर के अदाब — बच्चे बुलाना, दरवाज़े-बर्तन बंद करना