मस्जिद में दाखिल होते वक्त की दुआ
मस्जिद की दुआएं
(يَبْدَأُ بِرِجْلِهِ الْيُمْنَى) ، وَيَقُولُ: ((أَعُوذُ بِاللَّهِ العَظِيمِ، وَبِوَجْهِهِ الْكَرِيمِ، وَسُلْطَانِهِ الْقَدِيمِ، مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيمِ)) [بِسْمِ اللَّهِ، وَالصَّلَاةُ] [وَالسَّلَامُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ] ((اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ)).
उच्चारण:
अऊज़ु बिल्लाहिल अज़ीम, व बिवज्हिहिल करीम, व सुल्तानिहिल क़दीम, मिनश्शैतानिर्रजीम, बिस्मिल्लाहि वस्सलातु वस्सलामु अला रसूलिल्लाह, अल्लाहुम्मफ़्तह् ली अब्वाब रहमतिक।
हिंदी अर्थ:
(मस्जिद में दाहिना पैर पहले रखें और कहें): मैं अल्लाह अज़ीम की, उसके करीम चेहरे की, और उसकी पुरानी बादशाहत की पनाह मांगता हूं, मरदूद शैतान से। अल्लाह के नाम से, दुरूद और सलाम हो अल्लाह के रसूल पर। ऐ अल्लाह! मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खोल दे।
मस्जिद में दाखिल होते वक्त की दुआ (दाहिना पैर पहले)

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