अज़ान के बाद दुआ-ए-वसीला
अज़ान की दुआएं
يَقُولُ: ((اللَّهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ، وَالصَّلاَةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّداً الْوَسِيلَةَ وَالْفَضِيلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامَاً مَحمُوداً الَّذِي وَعَدْتَهُ، [إِنَّكَ لَا تُخْلِفُ الْمِيعَادَ])).
उच्चारण:
अल्लाहुम्मा रब्ब हाज़िहिद्दअ़्वतित्तम्मह, वस्सलातिल क़ाइमह, आति मुहम्मदनिल वसीलता वल फ़ज़ीलह, वब्अ़स्हु मक़ामम्महमूदनिल्लज़ी वअ़त्तह, इन्नका ला तुख़्लिफ़ुल मीआद।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! इस मुकम्मल पुकार (अज़ान) के और क़ायम होने वाली नमाज़ के रब! मुहम्मद ﷺ को वसीला और फ़ज़ीलत अता कर, और उन्हें उस मक़ामे-महमूद (तारीफ़ वाली जगह) पर पहुंचा जिसका तूने उनसे वादा किया है। बेशक तू वादे के खिलाफ नहीं करता।
अज़ान के बाद दुआ-ए-वसीला

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