सजदा-ए-तिलावत के बाद कबूलियत की दुआ
नमाज़ की दुआएं
((اللَّهُمَّ اكْتُبْ لِي بِهَا عِنْدَكَ أَجْراً، وَضَعْ عَنِّي بِهَا وِزْراً، وَاجْعَلْهَا لِي عِنْدَكَ ذُخْراً، وَتَقَبَّلْهَا مِنِّي كَمَا تَقَبَّلْتَهَا مِنْ عَبْدِكَ دَاوُدَ)).
उच्चारण:
अल्लाहुम्मक्तुब ली बिहा इन्दक अज्रा, व ज़अ़ अन्नी बिहा विज्रा, वज्अल्हा ली इन्दक ज़ुख़्रा, व तक़ब्बल्हा मिन्नी कमा तक़ब्बल्तहा मिन अ़ब्दिका दाऊद।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! इस सजदे की वजह से मेरे लिए अपने पास सवाब लिख दे, और मुझसे इसकी वजह से एक गुनाह मिटा दे, और इसे मेरे लिए अपने पास जमा रख, और इसे मुझसे यूं कबूल कर जैसे तूने अपने बंदे दाऊद अलैहिस्सलाम से कबूल किया था।
सजदा-ए-तिलावत के बाद कबूलियत की दुआ

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