((اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْماً كَثِيراً، وَلاَ يَغْفِرُ الذُّنوبَ إِلاَّ أَنْتَ، فَاغْفِرْ لِي مَغْفِرَةً مِنْ عِنْدِكَ وَارْحَمْنِي، إِنَّكَ أَنْتَ الغَفورُ الرَّحيمُ)).
उच्चारण:
अल्लाहुम्मा इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी ज़ुल्मन कसीरा, वला यग़्फ़िरुज़्ज़ुनूबा इल्ला अंत, फ़ग़्फ़िर ली मग़्फ़िरतम् मिन इन्दिक वर्हम्नी, इन्नका अंतल ग़फ़ूरुर्रहीम।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! मैंने अपनी जान पर बहुत ज़ुल्म किया, और गुनाहों को तेरे सिवा कोई नहीं बख्शता, तो मुझे अपनी तरफ से माफी बख्श दे और मुझ पर रहम कर, बेशक तू ही बहुत बख्शने वाला, बहुत रहम करने वाला है।
अपनी जान पर ज़ुल्म की माफी (नमाज़ में)