नाम का मतलब
खालिस अकीदा (तौहीद का सबसे साफ बयान)
पृष्ठभूमि
सूरह अल-इखलास मुशरिकों के इस सवाल पर नाज़िल हुई कि अल्लाह की जिंस (नस्ल/किस्म) क्या है। इसमें तौहीद का सबसे मुख्तसर और साफ बयान है।
फ़ज़ीलत / सार
नबी ﷺ ने फरमाया कि यह सूरह कुरआन के एक-तिहाई हिस्से के बराबर है, क्योंकि इसमें तौहीद का पूरा सार समाया हुआ है।
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
आयत 1
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ قُلْ هُوَ ٱللَّهُ أَحَدٌ
قُلْ
कह दीजिए
هُوَ
वो
ٱللَّهُ
अल्लाह
أَحَدٌ
एक है
कहो, "वह अल्लाह यकता है,
तफ़्सीर:
(ऐ रसूल!) आप कह दें : वह अल्लाह पूज्यता में अकेला है, उसके अलावा कोई पूज्य नहीं है।
आयत 2
ٱللَّهُ ٱلصَّمَدُ
ٱللَّهُ
अल्लाह
ٱلصَّمَدُ
बेनियाज़ है
अल्लाह निरपेक्ष (और सर्वाधार) है,
तफ़्सीर:
अल्लाह वह सरदार है, जिसपर पूर्णता और सुंदरता के गुणों में सरदारी का अंत है, जिसके सामने सभी प्राणी अपनी ज़रूरतें रखती हैं।
आयत 3
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
لَمْ
ना
يَلِدْ
उसने जना
وَلَمْ
और ना
يُولَدْ
वो जना गया
न वह जनिता है और न जन्य,
तफ़्सीर:
जिसने न किसी को जन्म दिया और न उसे किसी ने जन्म दिया। अतः अल्लाह की न कोई संतान है और न पिता।
आयत 4
وَلَمْ يَكُن لَّهُۥ كُفُوًا أَحَدٌۢ
وَلَمْ
और नहीं है
يَكُن
है
لَّهُۥ
उसके लिए
كُفُوًا
बराबर का
أَحَدٌۢ
कोई एक भी
और न कोई उसका समकक्ष है।"
तफ़्सीर:
और उसकी मख़लूक़ में कोई भी उसके समान नहीं है।
आज की ज़िंदगी में सबक़
तौहीद के सबसे साफ बयान (अल्लाह एक है, बेनियाज़ है, न उसने किसी को जना न वह जना गया) के साथ सूरह मुकम्मल होती है। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की ज़ात हर किस्म की मिसाल और तश्बीह से पाक है, उसका कोई शरीक नहीं।
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