नाम का मतलब
साफ दलील (नबी ﷺ के आने से पहले और बाद के फर्क को साफ करने वाली दलील)
पृष्ठभूमि
सूरह अल-बय्यिना में अहले-किताब और मुशरिकों को साफ दलील (नबी ﷺ और कुरआन) के आने का ज़िक्र है, साथ ही खालिस दीन (इखलास) की ताकीद है।
फ़ज़ीलत / सार
इस सूरह में बेहतरीन मखलूक (खैरुल-बरिय्या) उन्हें कहा गया है जो ईमान लाकर नेक अमल करते हैं, यह हमें असली अज़मत का मेयार सिखाती है।
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ
आयत 1
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ لَمْ يَكُنِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ وَٱلْمُشْرِكِينَ مُنفَكِّينَ حَتَّىٰ تَأْتِيَهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ
لَمْ
नहीं
يَكُنِ
थे
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
مِنْ
from
أَهْلِ
(the) People
ٱلْكِتَـٰبِ
अहले किताब में से
وَٱلْمُشْرِكِينَ
और मुशरिकीन में से
مُنفَكِّينَ
बाज़ आने वाले
حَتَّىٰ
यहाँ तक कि
تَأْتِيَهُمُ
आ जाए उनके पास
ٱلْبَيِّنَةُ
वाज़ेह दलील
किताबवालों और मुशरिकों (बहुदेववादियों) में से जिन लोगों ने इनकार किया वे कुफ़्र (इनकार) से अलग होनेवाले नहीं जब तक कि उनके पास स्पष्ट प्रमाण न आ जाए;
तफ़्सीर:
यहूदियों, ईसाइयों और मुश्रिकों में से जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे कुफ़्र पर अपनी सर्वसम्मति और एकजुटता से हटने वाले नहीं थे, जब तक कि उनके पास एक स्पष्ट प्रमाण और एक स्पष्ट तर्क न आ जाए।
आयत 2
رَسُولٌۭ مِّنَ ٱللَّهِ يَتْلُوا۟ صُحُفًۭا مُّطَهَّرَةًۭ
رَسُولٌۭ
एक रसूल
مِّنَ
from
ٱللَّهِ
अल्लाह की तरफ़ से
يَتْلُوا۟
जो पढ़ता है
صُحُفًۭا
सहीफ़े
مُّطَهَّرَةًۭ
पाकीज़ा
अल्लाह की ओर से एक रसूल पवित्र पृष्ठों को पढ़ता हुआ;
तफ़्सीर:
यह स्पष्ट प्रमाण और स्पष्ट तर्क अल्लाह का भेजा हुआ एक रसूल है, जो ऐसे पवित्र सहीफ़ों को पढ़कर सुनाता है, जिन्हें अल्लाह के पाक बंदे ही छूते हैं।
आयत 3
فِيهَا كُتُبٌۭ قَيِّمَةٌۭ
فِيهَا
उसमें
كُتُبٌۭ
तहरीरें हैं
قَيِّمَةٌۭ
दुरुस्त
जिनमें ठोस और ठीक आदेश अंकित हों,
तफ़्सीर:
उन सहीफ़ों में सच्ची ख़बरें और ठीक आदेश अंकित हैं, जो लोगों का उस चीज़ की ओर मार्गदर्शन करते हैं जिसमें उनकी भलाई और हिदायत है।
आयत 4
وَمَا تَفَرَّقَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ إِلَّا مِنۢ بَعْدِ مَا جَآءَتْهُمُ ٱلْبَيِّنَةُ
وَمَا
और नहीं
تَفَرَّقَ
तफ़रक़ा किया
ٱلَّذِينَ
उन लोगों ने जो
أُوتُوا۟
दिए गए
ٱلْكِتَـٰبَ
किताब
إِلَّا
मगर
مِنۢ
from
بَعْدِ
बाद उसके
مَا
जो
جَآءَتْهُمُ
आई उनके पास
ٱلْبَيِّنَةُ
खुली दलील
हालाँकि जिन्हें किताब दी गई थी। वे इसके पश्चात फूट में पड़े कि उनके पास स्पष्ट प्रमाण आ चुका था
तफ़्सीर:
यहूदी जिन्हें तौरात दिया गया था और ईसाई जिन्हें इंजील दिया गया था, वे अल्लाह के उनकी ओर अपने नबी को भेजने के बाद ही अलग हुए थे। चुनाँचे उनमें से कुछ ने इस्लाम धर्म अपना लिया और उनमें से कुछ अपने नबी की सच्चाई जानते हुए भी अपने कुफ़्र पर क़ायम रहे।
आयत 5
وَمَآ أُمِرُوٓا۟ إِلَّا لِيَعْبُدُوا۟ ٱللَّهَ مُخْلِصِينَ لَهُ ٱلدِّينَ حُنَفَآءَ وَيُقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَيُؤْتُوا۟ ٱلزَّكَوٰةَ ۚ وَذَٰلِكَ دِينُ ٱلْقَيِّمَةِ
وَمَآ
और नहीं
أُمِرُوٓا۟
वो हुक्म दिए गए थे
إِلَّا
मगर
لِيَعْبُدُوا۟
ये कि वो इबादत करें
ٱللَّهَ
अल्लाह की
مُخْلِصِينَ
ख़ालिस करने वाले
لَهُ
उसके लिए
ٱلدِّينَ
दीन को
حُنَفَآءَ
यक्सू हो कर
وَيُقِيمُوا۟
और वो क़ायम करें
ٱلصَّلَوٰةَ
नमाज़
وَيُؤْتُوا۟
और वो अदा करे
ٱلزَّكَوٰةَ ۚ
ज़कात
وَذَٰلِكَ
और ये है
دِينُ
दीन
ٱلْقَيِّمَةِ
दुरुस्त
और उन्हें आदेश भी बस यही दिया गया था कि वे अल्लाह की बन्दगी करे निष्ठा एवं विनयशीलता को उसके लिए विशिष्ट करके, बिलकुल एकाग्र होकर, और नमाज़ की पाबन्दी करें और ज़कात दे। और यही है सत्यवादी समुदाय का धर्म
तफ़्सीर:
यहूदियों और ईसाइयों का अपराध और हठ इस बात से प्रकट होता है कि उन्हें इस क़ुरआन में उन्हीं बातों का आदेश दिया गया, जिनका आदेश उन्हें उनकी किताबों में दिया गया था, जैसे केवल एक अल्लाह की इबादत करना, शिर्क से बचना, नमाज़ पढ़ना और ज़कात अदा करना। अतः उन्हें जिस चीज़ का आदेश दिया गया है, वही सीधा धर्म है, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं है।
आयत 6
إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مِنْ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ وَٱلْمُشْرِكِينَ فِى نَارِ جَهَنَّمَ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ ۚ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمْ شَرُّ ٱلْبَرِيَّةِ
إِنَّ
बेशक
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
مِنْ
from
أَهْلِ
(the) People
ٱلْكِتَـٰبِ
अहले किताब में से
وَٱلْمُشْرِكِينَ
और मुशरिकीन
فِى
(will be) in
نَارِ
आग में होंगे
جَهَنَّمَ
जहन्नम की
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले
فِيهَآ ۚ
उसमें
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
هُمْ
वो
شَرُّ
बदतरीन
ٱلْبَرِيَّةِ
मख़लूक़
निस्संदेह किताबवालों और मुशरिकों (बहुदेववादियों) में से जिन लोगों ने इनकार किया है, वे जहन्नम की आग में पड़ेगे; उसमें सदैव रहने के लिए। वही पैदा किए गए प्राणियों में सबसे बुरे है
तफ़्सीर:
निश्चय (यहूदियों, ईसाइयों और मुश्रिकों में से) जिन लोगों ने कुफ़्र किया, वे क़ियामत के दिन जहन्नम में दाखिल होंगे और हमेशा के लिए उसी में रहेंगे। वही लोग सबसे बुरे प्राणी हैं, क्योंकि उन्होंने अल्लाह का इनकार किया और उसके रसूल को झुठलाया।
आयत 7
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمْ خَيْرُ ٱلْبَرِيَّةِ
إِنَّ
बेशक
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ
नेक
أُو۟لَـٰٓئِكَ
यही लोग हैं
هُمْ
वो
خَيْرُ
बेहतरीन
ٱلْبَرِيَّةِ
मख़लूक़
किन्तु निश्चय ही वे लोग, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए पैदा किए गए प्राणियों में सबसे अच्छे है
तफ़्सीर:
जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कार्य किए, वही लोग सबसे अच्छे प्राणी हैं।
आयत 8
جَزَآؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّـٰتُ عَدْنٍۢ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۖ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ ۚ ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِىَ رَبَّهُۥ
جَزَآؤُهُمْ
बदला उनका
عِندَ
पास है
رَبِّهِمْ
उनके रब के
جَنَّـٰتُ
बाग़ात
عَدْنٍۢ
हमेशगी के
تَجْرِى
बहती हैं
مِن
from
تَحْتِهَا
उनके नीचे से
ٱلْأَنْهَـٰرُ
नहरें
خَـٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهَآ
उनमें
أَبَدًۭا ۖ
हमेशा-हमेशा
رَّضِىَ
राज़ी हो गया
ٱللَّهُ
अल्लाह
عَنْهُمْ
उनसे
وَرَضُوا۟
और वो राज़ी हो गए
عَنْهُ ۚ
उससे
ذَٰلِكَ
ये
لِمَنْ
उसके लिए जो
خَشِىَ
डर गया
رَبَّهُۥ
अपने रब से
उनका बदला उनके अपने रब के पास सदाबहार बाग़ है, जिनके नीचे नहरें बह रही होंगी। उनमें वे सदैव रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी हुआ और वे उससे राज़ी हुए। यह कुछ उसके लिए है, जो अपने रब से डरा
तफ़्सीर:
उनका बदला, उनके रब के पास ऐसे बाग़ हैं, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं। वे उसमें हमेशा के लिए रहेंगे। अल्लाह उनके उसपर ईमान लाने और उसकी आज्ञा मानने के कारण उनसे खुश हुआ और वे उसकी दया को पाकर उससे खुश हुए। यह दया उसे प्राप्त होती है जो अपने पालनहार से डरता है, इसलिए उसकी आज्ञा का पालन करता है और उसके निषेध से बचता है।
आज की ज़िंदगी में सबक़
साफ दलील के आने, खालिस दीन की ताकीद और बेहतरीन मखलूक के ज़िक्र के साथ सूरह मुकम्मल होती है। यह हमें सिखाता है कि ईमान लाकर नेक अमल करने वाले ही अल्लाह के यहां बेहतरीन मखलूक हैं, यही असली अज़मत का मेयार है।
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