नमाज़ के बाद तौहीद का कलिमा
नमाज़ की दुआएं
((لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ [ثلاثاً]، اللَّهُمَّ لاَ مَانِعَ لِمَا أَعْطَيْتَ، وَلاَ مُعْطِيَ لِمَا مَنَعْتَ، وَلاَ يَنْفَعُ ذَا الْجَدِّ مِنْكَ الجَدُّ)).
उच्चारण:
ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लह, लहुल मुल्कु व लहुल हम्द, व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर (3 बार), अल्लाहुम्म ला मानिअ़ लिमा अअ्तैत, वला मुअ्तिय लिमा मनअ्त, वला यन्फ़अु ज़ल जद्दि मिन्कल जद्द।
हिंदी अर्थ:
अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, बादशाहत उसी की है और तारीफ़ भी उसी की है, और वह हर चीज़ पर कादिर है। (3 बार) ऐ अल्लाह! जो तू दे उसे कोई रोक नहीं सकता, और जो तू रोक ले उसे कोई दे नहीं सकता, और किसी भी इज़्ज़त वाले को उसकी इज़्ज़त तेरे मुकाबले में कोई फायदा नहीं देती।
नमाज़ के बाद तौहीद का कलिमा (3 बार)

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