((اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْماً نافِعاً، وَرِزْقاً طَيِّباً، وَعَمَلاً مُتَقَبَّلاً)) بَعْدَ السّلامِ مِنْ صَلاَةِ الفَجْرِ.
उच्चारण:
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका इल्मन नाफ़िअ़न, व रिज़्क़न तय्यिबन, व अ़मलन मुतक़ब्बलन।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! मैं तुझसे नफ़ा देने वाला इल्म, पाकीज़ा रिज़्क़ और कबूल होने वाला अमल मांगता हूं। (फज्र की नमाज़ के सलाम के बाद पढ़ें)
फज्र की नमाज़ के बाद इल्म-रिज्क की दुआ