मजलिस से उठते वक्त कफ्फारे की दुआ
महफ़िल की दुआएं
((سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ، أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ، أَسْتَغْفِرُكَ وَأَتُوبُ إِلَيْكَ)).
उच्चारण:
सुब्हानकल्लाहुम्मा व बिहम्दिक, अश्हदु अल्ला इलाहा इल्ला अंत, अस्तग़्फ़िरुक व अतूबु इलैक।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! तू पाक है और मैं तेरी तारीफ़ करता हूं, मैं गवाही देता हूं कि तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, मैं तुझसे माफी मांगता हूं और तेरी तरफ तौबा करता हूं। (यह मजलिस से उठते वक्त पढ़ी जाती है, इसे मजलिस का कफ्फ़ारा कहते हैं)
मजलिस से उठते वक्त कफ्फारे की दुआ

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