इस्तिग़फार से बड़े गुनाहों की भी माफी
तौबा-इस्तिग़फ़ार
وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((مَنْ قَالَ أَسْتَغْفِرُ اللَّهَ الْعَظيمَ الَّذِي لاَ إِلَهَ إِلاَّ هُوَ الْحَيُّ القَيّوُمُ وَأَتُوبُ إِلَيهِ، غَفَرَ اللَّهُ لَهُ وَإِنْ كَانَ فَرَّ مِنَ الزَّحْفِ)).
उच्चारण:
अस्तग़्फ़िरुल्लाहल अ़ज़ीमल्लज़ी ला इलाहा इल्ला हुवल हय्युल क़य्यूमु व अतूबु इलैह।
हिंदी अर्थ:
आपने यह भी फ़रमाया: जो कहे "मैं उस अल्लाह अज़ीम से माफी मांगता हूं जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा ज़िंदा रहने वाला और सबको संभालने वाला है, और उसकी तरफ तौबा करता हूं" — अल्लाह उसे बख्श देगा, चाहे वह जंग के मैदान से भागा ही क्यों न हो।
इस्तिग़फार से बड़े गुनाहों की भी माफी (हदीस)

⚠️ कुछ गलत लगा?

अगर आपको इस पेज पर कोई ग़लती (तर्जुमा, तथ्य, या कुछ और) दिखी हो, तो हमें बताएं — हम जांच करके ठीक करेंगे।

0%