आधी रात में तौबा-ज़िक्र की फ़ज़ीलत
तौबा-इस्तिग़फ़ार
وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((أَقْرَبُ مَا يَكُونُ الرَّبُّ مِنَ الْعَبْدِ فِي جَوْفِ اللَّيْلِ الآخِرِ فَإِنِ اسْتَطَعْتَ أَنْ تَكُونَ مِمَّنْ يَذْكُرُ اللَّهَ فِي تِلْكَ السَّاعَةِ فَكُنْ)).
उच्चारण:
(हदीस — कोई तय अल्फ़ाज़ नहीं, आम ज़िक्र-इस्तिग़फार)
हिंदी अर्थ:
आपने यह भी फ़रमाया: रब अपने बंदे के सबसे करीब रात के आखिरी हिस्से में होता है, तो अगर तुम उन लोगों में शामिल हो सको जो उस वक्त अल्लाह को याद करते हैं, तो ज़रूर करो।
आधी रात में तौबा-ज़िक्र की फ़ज़ीलत (हदीस)

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