सजदे में ज़्यादा दुआ करने की तरगीब
तौबा-इस्तिग़फ़ार
وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((أَقْرَبُ مَا يَكُونُ الْعَبْدُ مِنْ رَبِّهِ وَهُوَ سَاجِدٌ فَأَكثِرُوا الدُّعَاءَ)).
उच्चारण:
(हदीस — कोई तय अल्फ़ाज़ नहीं)
हिंदी अर्थ:
आपने यह भी फ़रमाया: बंदा अपने रब के सबसे करीब उस वक्त होता है जब वह सजदे में होता है, तो सजदे में ज़्यादा से ज़्यादा दुआ करो।
सजदे में ज़्यादा दुआ करने की तरगीब (हदीस)

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