सुबहानल्लाहि व बिहम्दिही (100 बार)
ज़िक्र की फ़ज़ीलत
قَالَ صلى الله عليه وسلم مَنْ قَالَ: سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ فِي يَوْمٍ مِائَةَ مَرَّةٍ حُطَّتْ خَطَايَاهُ وَلَوْ كَانَتْ مِثْلَ زَبَدِ الْبَحْر)).
उच्चारण:
सुब्हानल्लाहि व बिहम्दिह।
हिंदी अर्थ:
नबी ﷺ ने फ़रमाया: जो दिन में 100 बार "सुबहानल्लाहि व बिहम्दिही" यानी "अल्लाह पाक है और मैं उसकी तारीफ़ करता हूं" कहे, उसके गुनाह मिटा दिए जाते हैं, चाहे वे समुंदर के झाग जितने ही क्यों न हों।
सुबहानल्लाहि व बिहम्दिही (100 बार, समुंदर के झाग जितने गुनाह माफ)

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