2 कलिमे जबान पर हल्के, मीज़ान पर भारी
ज़िक्र की फ़ज़ीलत
وَقَالَ صلى الله عليه وسلم: ((كَلِمَتَانِ خَفِيفَتَانِ عَلَى اللِّسَانِ، ثَقِيلَتَانِ فِي الْمِيزَانِ، حَبِيبَتَانِ إِلَى الرَّحْمَنِ: سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ، سُبْحانَ اللَّهِ الْعَظِيمِ)).
उच्चारण:
सुब्हानल्लाहि व बिहम्दिह, सुब्हानल्लाहिल अ़ज़ीम।
हिंदी अर्थ:
आपने यह भी फ़रमाया: दो कलिमे ज़बान पर हल्के, मीज़ान यानी तराज़ू में भारी, और रहमान को बहुत पसंद हैं: सुबहानल्लाहि व बिहम्दिही, सुबहानल्लाहिल अज़ीम — यानी "अल्लाह पाक है और मैं उसकी तारीफ़ करता हूं, अल्लाह पाक है जो बहुत बड़ा है।"
2 कलिमे जबान पर हल्के, मीज़ान पर भारी (हदीस)

⚠️ कुछ गलत लगा?

अगर आपको इस पेज पर कोई ग़लती (तर्जुमा, तथ्य, या कुछ और) दिखी हो, तो हमें बताएं — हम जांच करके ठीक करेंगे।

0%