नए/साधारण मुस्लिम को दुआ की तालीम
ज़िक्र की फ़ज़ीलत
جَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ: عَلِّمْنِي كَلاماً أَقُولُهُ: قَالَ: ((قُلْ: لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، اللَّهُ أَكْبَرُ كَبِيراً، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ كَثِيراً، سُبْحَانَ اللَّهِ رَبِّ العَالَمِينَ، لاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ)) قَالَ: فَهَؤُلاَءِ لِرَبِّي، فَمَا لِي؟ قَالَ: ((قُلْ: اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي، وَارْحَمْنِي، وَاهْدِنِي، وَارْزُقْنِي)).
उच्चारण:
ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लह, अल्लाहु अकबरु कबीरा, वल्हम्दु लिल्लाहि कसीरा, सुब्हानल्लाहि रब्बिल आलमीन, ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अ़ज़ीज़िल हकीम। अल्लाहुम्मग़्फ़िर ली, वर्हम्नी, वह्दिनी, वर्ज़ुक़्नी।
हिंदी अर्थ:
साद बिन अबी वक्कास رضی اللہ عنہ ने बताया कि एक शख्स अल्लाह के रसूल ﷺ के पास आया और कहा: "मुझे कुछ ऐसे कलिमात सिखाइए जो मैं पढ़ूं।" आपने फ़रमाया: "कहो: अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, अल्लाह बहुत बड़ा है, और बहुत सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है, अल्लाह पाक है जो सारे जहानों का रब है, अल्लाह के सिवा किसी में कोई ताकत या कुव्वत नहीं जो ज़बरदस्त और हिकमत वाला है।" उस शख्स ने कहा: "यह सब तो मेरे रब के लिए हैं, मेरे लिए क्या है?" आपने फ़रमाया: "कहो: ऐ अल्लाह! मुझे बख्श दे, मुझ पर रहम कर, मुझे हिदायत दे, और मुझे रिज़्क़ दे।"
नए/साधारण मुस्लिम को दुआ की तालीम (हदीस)

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