((أَصْبَحْنَا وَأَصْبَحَ الْمُلْكُ لِلَّهِ ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، لاَ إِلَهَ إلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، رَبِّ أَسْأَلُكَ خَيْرَ مَا فِي هَذَا الْيَوْمِ وَخَيرَ مَا بَعْدَهُ ، وَأَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا فِي هَذَا الْيَوْمِ وَشَرِّ مَا بَعْدَهُ، رَبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْكَسَلِ وَسُوءِ الْكِبَرِ، رَبِّ أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابٍ فِي النَّارِ وَعَذَابٍ فِي الْقَبْرِ)). [ وإذا أمسى قال: أمسينا وأمسى الملك للَّه] [وإذا أمسى قال: رب أسألك خير ما في هذه الليلة، وخير ما بعدها، وأعوذ بك من شر ما في هذه الليلة، وشر ما بعدها.]
उच्चारण:
अस्बहना व अस्बहल मुल्कु लिल्लाह, वल्हम्दु लिल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीक लहू, लहुल मुल्कु व लहुल हम्द, व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर। रब्बि अस्अलुका खैरा मा फ़ी हाज़ल यौमि व खैरा मा बअदहू, व अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा फ़ी हाज़ल यौमि व शर्रि मा बअदहू। रब्बि अऊज़ु बिका मिनल कसलि व सूइल किबर। रब्बि अऊज़ु बिका मिन अज़ाबिन फ़िन्नारि व अज़ाबिन फ़िल क़ब्र।
हिंदी अर्थ:
हमने सुबह की और सारी बादशाहत अल्लाह की है, तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं। बादशाहत उसी की है और तारीफ़ भी उसी की है, और वह हर चीज़ पर कादिर है। ऐ मेरे रब! मैं तुझसे इस दिन की भलाई और इसके बाद की भलाई मांगता हूं, और इस दिन की बुराई और इसके बाद की बुराई से तेरी पनाह मांगता हूं। ऐ मेरे रब! मैं सुस्ती और बुढ़ापे की बुराई से तेरी पनाह मांगता हूं। ऐ मेरे रब! मैं आग के अज़ाब और कब्र के अज़ाब से तेरी पनाह मांगता हूं। (शाम को यही दुआ "अम्सैना" के साथ पढ़ें)
सुबह-शाम की मुख्य दुआ