(بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ* اللَّهُ الصَّمَدُ* لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ* وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُواً أَحَدٌ﴾.) (بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ* مِن شَرِّ مَا خَلَقَ* وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ* وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ* وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ﴾.) (بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ* مَلِكِ النَّاسِ* إِلَهِ النَّاسِ* مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ* الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ* مِنَ الْجِنَّةِ وَ النَّاسِ﴾)
उच्चारण:
क़ुल हुवल्लाहु अहद, अल्लाहुस्समद, लम यलिद व लम यूलद, व लम यकुल्लहू कुफुवन अहद। क़ुल अऊज़ु बिरब्बिल फ़लक़, मिन शर्रि मा खलक़, व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब, व मिन शर्रिन्नफ्फ़ासाति फ़िल उक़द, व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद। क़ुल अऊज़ु बिरब्बिन्नास, मलिकिन्नास, इलाहिन्नास, मिन शर्रिल वस्वासिल खन्नास, अल्लज़ी युवस्विसु फ़ी सुदूरिन्नास, मिनल जिन्नति वन्नास।
हिंदी अर्थ:
(सूरह इखलास): कह दो, वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है, जिसका सब मोहताज हैं। न उसने किसी को जना, न वह किसी से जना गया। और कोई उसका हमसर नहीं। (सूरह फलक): कह दो, मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूं, हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, अंधेरी रात की बुराई से जब वह छा जाए, गांठों में फूंकने वालियों की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से जब वह हसद करे। (सूरह नास): कह दो, मैं लोगों के रब, लोगों के बादशाह, लोगों के माबूद की पनाह मांगता हूं, उस वसवसा डालने वाले शैतान की बुराई से जो पीछे हट जाता है, जो लोगों के दिलों में वसवसा डालता है, चाहे वह जिन्नों में से हो या इंसानों में से।
सुबह-शाम 3 सूरतें (शाम को 3 बार)