नेमत के शुक्र की दुआ
सुबह-शाम की दुआएं
((اللَّهُمَّ مَا أَصْبَحَ بِي مِنْ نِعْمَةٍ أَوْ بِأَحَدٍ مِنْ خَلْقِكَ فَمِنْكَ وَحْدَكَ لاَ شَرِيكَ لَكَ، فَلَكَ الْحَمْدُ وَلَكَ الشُّكْرُ)). [وإذا أمسى قال: اللَّهم ما أمسى بي...]
उच्चारण:
अल्लाहुम्मा मा अस्बहा बी मिन निअ्मतिन, औ बिअहदिम् मिन ख़ल्किक, फ़मिन्का वह्दका ला शरीक लक, फ़लकल हम्दु व लकश्शुक्र।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! जो नेमत भी आज सुबह मुझे या तेरी किसी मखलूक को मिली है, वह सब तेरी ही तरफ से है, तू अकेला है, तेरा कोई शरीक नहीं, तो सारी तारीफ़ तेरे लिए है और सारा शुक्र तेरे लिए है। (शाम को "अम्सा" कहें — जो सुबह-शाम यह पढ़े, उसने उस दिन/रात का शुक्र अदा कर दिया)
नेमत के शुक्र की दुआ

⚠️ कुछ गलत लगा?

अगर आपको इस पेज पर कोई ग़लती (तर्जुमा, तथ्य, या कुछ और) दिखी हो, तो हमें बताएं — हम जांच करके ठीक करेंगे।

0%