नमाज़ के बाद तस्बीह (33-33-33+1 बार)
नमाज़ की दुआएं
((سُبْحَانَ اللَّهِ، وَالْحَمْدُ لِلَّهِ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ (ثلاثاً وثلاثين) لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ)).
उच्चारण:
सुब्हानल्लाह, वल्हम्दु लिल्लाह, वल्लाहु अकबर (33 बार)। ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लह, लहुल मुल्कु व लहुल हम्द, व हुवा अला कुल्लि शैइन क़दीर।
हिंदी अर्थ:
अल्लाह पाक है, सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है, और अल्लाह सबसे बड़ा है। (33 बार) फिर कहें: अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं, बादशाहत उसी की है और तारीफ़ भी उसी की है, और वह हर चीज़ पर कादिर है।
नमाज़ के बाद तस्बीह (33-33-33+1 बार)

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