नमाज़ के बाद तीन कुल पढ़ना
नमाज़ की दुआएं
بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ* اللَّهُ الصَّمَدُ* لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ* وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُواً أَحَدٌ﴾، بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ* مِن شَرِّ مَا خَلَقَ* وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ* وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ* وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ﴾،بسم الله الرحمن الرحيم ﴿قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ* مَلِكِ النَّاسِ* إِلَهِ النَّاسِ* مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ* الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ* مِنَ الْجِنَّةِ وَ النَّاسِ﴾ بَعْدَ كُلِّ صَلاَةٍ.
उच्चारण:
क़ुल हुवल्लाहु अहद, अल्लाहुस्समद, लम यलिद व लम यूलद, व लम यकुल्लहू कुफुवन अहद। क़ुल अऊज़ु बिरब्बिल फ़लक़, मिन शर्रि मा खलक़, व मिन शर्रि ग़ासिक़िन इज़ा वक़ब, व मिन शर्रिन्नफ्फ़ासाति फ़िल उक़द, व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद। क़ुल अऊज़ु बिरब्बिन्नास, मलिकिन्नास, इलाहिन्नास, मिन शर्रिल वस्वासिल खन्नास, अल्लज़ी युवस्विसु फ़ी सुदूरिन्नास, मिनल जिन्नति वन्नास।
हिंदी अर्थ:
हर नमाज़ के बाद सूरह इखलास, सूरह फलक और सूरह नास पढ़ें — ज़ुहर, अस्र और इशा के बाद एक-एक बार, और फज्र-मगरिब के बाद तीन-तीन बार।
नमाज़ के बाद तीन कुल पढ़ना

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