((اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ، وَعَافِهِ، وَاعْفُ عَنْهُ، وَأَكْرِمْ نُزُلَهُ، وَوَسِّعْ مُدْخَلَهُ، وَاغْسِلْهُ بِالْمَاءِ وَالثَّلْجِ وَالْبَرَدِ، وَنَقِّهِ مِنَ الْخَطَايَا كَمَا نَقَّيْتَ الثَّوْبَ الأَبْيَضَ مِنَ الدَّنَسِ، وَأَبْدِلْهُ دَاراً خَيْراً مِنْ دَارِهِ، وَأَهْلاً خَيْراً مِنْ أَهْلِهِ، وَزَوْجَاً خَيْراً مِنْ زَوْجِهِ، وَأَدْخِلْهُ الْجَنَّةَ، وَأَعِذْهُ مِنْ عَذَابِ القَبْرِ [وَعَذَابِ النَّارِ])).
उच्चारण:
अल्लाहुम्मग़्फ़िर लहू वर्हम्हु, व आफ़िहि, वअ्फ़ु अन्हु, व अक्रिम नुज़ुलहू, व वस्सिअ़ मुद्ख़लहू, वग़्सिल्हु बिल्माइ वस्सल्जि वल बरद, व नक़्क़िहि मिनल ख़ताया कमा नक़्क़ैतस्सौबल अब्यज़ मिनद्दनस, व अब्दिल्हु दारन ख़ैरम् मिन दारिही, व अह्लन ख़ैरम् मिन अह्लिही, व ज़ौजन ख़ैरम् मिन ज़ौजिही, व अद्ख़िल्हुल जन्नह, व अईज़्हु मिन अज़ाबिल क़ब्रि व अज़ाबिन्नार।
हिंदी अर्थ:
ऐ अल्लाह! उसे बख्श दे, उस पर रहम कर, उसे सेहत और माफी दे, उसकी मेहमानी इज़्ज़त से कर, उसकी कब्र कुशादा कर दे, उसे पानी, बर्फ और ओलों से धो दे, उसे गुनाहों से ऐसे पाक कर जैसे सफेद कपड़ा मैल से पाक किया जाता है, उसे उसके घर से बेहतर घर दे, उसके घरवालों से बेहतर घरवाले दे, उसके जीवनसाथी से बेहतर जीवनसाथी दे, उसे जन्नत में दाखिल कर, और उसे कब्र के अज़ाब और आग के अज़ाब से बचा।
जनाज़े की नमाज़ की मुख्य दुआ