नबी सल्ल० जब बनू साद में लगभग चार-पांच साल के थे, तब हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम प्रकट हुए, आपका सीना चीरकर दिल निकाला और उसमें से शैतान का हिस्सा अलग कर दिल को ज़मज़म के पानी से धोकर वापस रख दिया। इस घटना से घबराकर हलीमा ने आपको आपकी मां हज़रत आमना के पास वापस भेज दिया।
पूरी कहानी:
नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्र जब बनू साद में चार या पांच साल की हुई, तो एक दिन आप दूसरे बच्चों के साथ खेल रहे थे कि अचानक हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम प्रकट हुए, आपको पकड़कर लिटाया और सीना चाक करके दिल बाहर निकाला। इसके बाद दिल से एक लोथड़ा निकालकर फ़रमाया कि यह तुझमें शैतान का हिस्सा है, फिर दिल को एक बर्तन में ज़मज़म के पानी से धोकर वापस उसकी जगह पर रख दिया। यह देखकर साथ खेल रहे बच्चे डरकर दौड़े और हलीमा तथा घरवालों को ख़बर दी कि मुहम्मद को क़त्ल कर दिया गया। जब घरवाले दौड़कर पहुंचे तो देखा कि नबी सल्ल० सही-सलामत हैं, बस चेहरे का रंग कुछ उड़ा हुआ था। इस असाधारण वाक़िये से हलीमा और उनके पति को नबी सल्ल० की सुरक्षा को लेकर गहरी फ़िक्र हो गई, इसलिए उन्होंने तय किया कि अब आपको आपकी मां के पास वापस पहुंचा देना ही बेहतर है। चुनांचे नबी सल्ल० को हज़रत आमना के हवाले कर दिया गया और आप छह साल की उम्र तक अपनी मां की गोद में ही पले।