हज़रत आइशा रज़ि० से निकाह
निजी ज़िंदगी
नुबूवत के ग्यारहवें साल शव्वाल महीने में नबी सल्ल० ने हज़रत अबूबक्र रज़ि० की बेटी हज़रत आइशा रज़ि० से निकाह किया। रुख़्सती (विदाई) हिजरत के बाद मदीना में हुई।
पूरी कहानी:
हज़रत सौदा रज़ि० से निकाह के कुछ समय बाद, नुबूवत के ग्यारहवें साल शव्वाल महीने में, नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने सबसे क़रीबी साथी हज़रत अबूबक्र सिद्दीक़ रज़ि० की सुपुत्री हज़रत आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा से निकाह किया। यह निकाह मक्का में ही हुआ, लेकिन रुख़्सती (विदाई और साथ रहना शुरू होना) उस वक़्त नहीं हुई। हिजरत के बाद मदीना पहुंचने पर, हिजरत के पहले साल शव्वाल के महीने में ही, हज़रत आइशा रज़ि० की रुख़्सती हुई और वे नबी सल्ल० के घर आ गईं। हज़रत आइशा रज़ि० आगे चलकर इस्लामी इतिहास की सबसे बड़ी विद्वान महिलाओं में गिनी गईं, उन्होंने हदीस, फ़िक़्ह और तफ़सीर के क्षेत्र में बेशुमार ज्ञान की विरासत छोड़ी और सहाबा व ताबिईन उनसे दीन के मसाइल पूछने आते थे। नबी सल्ल० की वफ़ात तक वे आपकी पत्नियों में रहीं और उम्मुल मोमिनीन (मोमिनों की मां) के सम्मानित पद पर रहीं।

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