नबी सल्ल० दो सौ सहाबा को साथ लेकर उमैया बिन ख़लफ़ की अगुवाई वाले सौ आदमियों और ढाई हज़ार ऊंटों के क़ुरैशी क़ाफ़िले का पीछा करते हुए बुवात तक पहुंचे, लेकिन कोई मामला पेश नहीं आया।
पूरी कहानी:
इस मुहिम में अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दो सौ सहाबा को साथ लेकर रवाना हुए। मक़सूद क़ुरैश का एक क़ाफ़िला था, जिसमें उमैया बिन ख़लफ़ सहित क़ुरैश के सौ आदमी और ढाई हज़ार ऊंट शामिल थे। आप रिज़्वा से क़रीबी जगह बुवात तक तशरीफ़ ले गए, लेकिन कोई मामला पेश नहीं आया। इस मुहिम के दौरान हज़रत साद बिन मुआज़ रज़ि० को मदीने का अमीर बनाया गया था। झंडा सफ़ेद था और झंडाबरदार हज़रत साद बिन अबी वक़्क़ास रज़ि० थे।